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एक अकेली गाय का आर्तनाद सौ योजन भूमि को शमशान बना देता है

-पंडित नन्दलाल निर्भय

भारत ऋषियों-मुनियों की पावन धरती है जो संसार का गुरु रहा हे। यह राम-कृष्ण का देश है। जब तक इस भारत भूमि पर गौ हत्या जारी रहेगी, हमारा देश अशांत रहेगा। इसकी अशांति स्वप्न में भी दूर नहीं हो सकती। क्योंकि इस राष्ट्र के लोगों को पता ही नहीं कि एक अकेली गाय का आर्तनाद सौ-सौ योजन तक भूमि को शमशान बना देता है। महात्मा गांधी का नाम लेकर हर दो अक्टूबर और 30 जनवरी को राजघाट पर बापू के नाम पर ढांग करने वाले लोग चाहते ते उनका स्वप्न पूरा कर सकते थे लेकिन तथाकथित धर्म निरपेक्षता के चलते उन्होंने ऐसा नहीं किया। बापू ने कहा था-‘‘गौवध को रोकने का प्रश्न मेरी नज़र में भारत की स्वतत्रता से अधिक महत्त्वपूर्ण है।’’ लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने घोषणा की थी कि भारत के आजाद होने पर गौ-हत्या का कलंक कलम की एक नोक से दूर कर दिया जाएगा। जगतगुरु महर्षि दयानन्द सरस्वती ने तो गो को माता का दर्जा दिया था तथा गौ करुणानिधि पुस्तक की रचना कर गौ का महत्त्व सकल संसार को बता दिया था।

केन्द्र सरकार के पशु क्रूरता निरोधक अधिनियम के बाद विवाद पैदा हो गया है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के जारी किये गये व प्रीवेशंन ऑफ क्रुएलटी टू एनिमल्स नियम 2017 जारी किए गजट नोटिफिकेशन को लेकर केरल और कुछ दक्षिणी राज्यों में तीव्र प्रतिक्रिया देखने को मिली है। इस नियम के जरिए केन्द्र सरकार ने बूचड़खानों के लिए मवेशियों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी है। सरकार का तर्क है कि बाजार से जानवर खरीदने और बेचने वालों को अब यह बताना होगा कि जानवर को कत्ल करने के लिए नहीं खरीदा जा रहा। केरल में यूथ कांग्रेस नेताओं ने बीफ-बैन के विरोध में बीफ पार्टी का आयोजन किया और उसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर डाला।

केरल विद कांग्रेस नाम के एक ट्रिवटर हैण्डल से कुछ तस्वीरें भी री-ट्वीट की गई हैं। कभी कांग्रेस गाय-बछड़ा चुनाव चिन्ह पर वोट मांगती थी। गाय-बछड़ा चुनाव चिन्ह इतना लोकप्रिय था कि लोग कांग्रेस को ही बोट डालते थे। लेकिन आज के यूथ-कांग्रेसी गाय काटकर व कटवाकर खा रहे हैं। कांग्रेस का चुनाव चिन्ह दो बैलों की जोड़ी भी रहा। उसके सहारे वह सत्ता में रही। कांग्रेसियों ने छुरी गाय की गर्दन पर तो चलाई ही छुरी कांग्रेस की गर्दन पर भ चली है।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए कहा  ‘‘जो कुछ केरल में हुआ वह मुझे व कांग्रेस पार्टी को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं है। यह विचारहीन व बर्बर है, मैं इस घटना की कड़ी निंदा करता हूं।

कांग्रेस उपाध्यक्ष का बयान स्वागत योग्य है। कांग्रेस ने बीफ पार्टी करने वाले नेताओं को पार्टी से निलम्बित कर दिया है। केरल पुलिस ने फिलहाल यूथ कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मद्रास के एक कॉलेज में बीफ फेयर का आयोजन किया गया। यह कैसी सियासत है।

यह मुद्दा सिर्फ गाय काटने का नहीं है बल्कि देश के करोड़ो हिन्दुओं की भावनाओं को चुनौती देना है। कांग्रेस ने केरल के यूथ कांग्रेसी नेताओं को पार्टी से बाहर कर सही कदम उठाया है।

भारतीय संविधान के दिशा-निर्देशक सिद्धांतो में यह स्पष्ट लिखा हुआ है कि देश में कृषि व पशुधन की बढ़त के लिए आधुनिकतम वैज्ञानिक उपायों को अपनाते हुए गाय व बछड़े के वध को प्रतिबंधित करते हुए अन्य दुधारू व माल ढ़ोने वाले पशुओं के संरक्षण को सुनिश्चित किया जाना चाहिए तो स्वतंत्र भारत में गौवध का सवाल ही कहां पैदा हो सकता है। साथ ही उसके मांस भक्षण का मुद्दा किस प्रकार उठ सकता है। मगर इस मुद्दे पर जिस तरह राजनीति की जा रही हे वह केवल उस सच को नकारने की कोशिश है। इसके प्रतिबिंव हमें सिंधुघाटी की सभ्यता से लेकर आज तक के भारत के जीवन के सत्य को चीख-चीख कर बताते रहे हैं। 1965 के अंत में स्वर्गीय इंदिरा गांधी के शासनकाल में भारत भर में संतों व साधुओं ने संसद को घेर लिया था। यह आंदोलन गौ-हत्या पर पूर्ण  प्रतिबंध लागने के लिए किया जा रहा था साधुओं के आन्दोलन पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने दवाव देकर गुलजारी लाल नंदा गृह मंत्री भारत द्वारा आदेश दिलाकर और उन पर दवाव डालकर गोली चलवाकर कई हजार साधु-संतों-गौभक्तों की हत्या करा दी थी। अब भी कांग्रेस उसी परम्परा का संदेश दे रही है जो निंदनीय है। भारत की जनता इसे सहन नहीं करेगी।

मैं वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से आशा करता हूं कि भारत में गौ रक्षा का कानून बनाकर गौ हत्या का कलंक इस देवों की भूमि भारत से मिटाकर सच्चे गौ भक्त होने का प्रमाण देंवे। आने वाले चुनाव में जो लोग गौ-रक्षा का विरोध कर रहे हैं उन दुष्टों का भारत की जनता खात्मा कर देगी तथा अंत में विजय धर्म का पालन  करने वाले ईश्वर भक्त धर्मात्माओं की ही होगी। परमात्मा इस देश के नेताओं को सुमति प्रदान करे।

 

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