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ओ३म का अर्थ

Sep 13 • Featured, Vedic Views • 2758 Views • No Comments

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ओ३म्
ओ३म् का अर्थ – जो अकार, उकार और मकार इन तीन अक्षरों से मिल कर ओ३म् शब्द बना है. यह परमेश्वर के सब नामों में उत्तम है.

अकार से (विराट)-जो विविध जगत का प्रकाश करने वाला (अग्निः) जो ज्ञान स्वरुप और सर्वव्यापक है (विश्वः) जिसमें सब जगत समाया हुआ है.

उकार से (हिरण्यगर्भः) – जिसके गर्भ में प्रकाश करने वाले सूर्यादि लोक है और जो प्रकाश करने वाले सूर्यादि लोको का अधिष्ठान (स्थान) है, (वायुः) जो अनन्त बलवला और सब जगत को धारण करने वाला है, (तेजसः) जो स्वप्रकाशस्वरूप और सब जगत का प्रकाशक है.

मकार (ईश्वरः) – जो सब जगत का उत्पादक सर्वशक्तिमान स्वामी और न्यायकारी (आदित्यः) जो नाशरहित है, (प्राज्ञः) जो आनंद स्वरुप और सर्वज्ञ है.

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