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घोषणा पत्र बिकाऊ हैं

सत्संग में होने वाले शांति पाठों का अपने राम पर ऐसा दुष्प्रभाव पड़ा कि लड़ने के नाम से ही कंपकंपी चढ़ने लगी। इसीलिए चुनाव, जोकि लड़ा जाता है, में कभी नहीं लड़ सका। नतीजा यह निकला कि नेता नाम के रास्ट्रीय कमाऊ पूतों की श्रेणी में दीक्षित होने के सारे सपने धरे के धरे रह गए। एक बार उत्साहित होकर जिला स्तर की एक रास्ट्रीय पार्टी का गठन भी किया, और उसका नाम भी बड़ा जोरदार रखा- धमाका पार्टी। इस पार्टी का, दस बिन्दुओं वाला, अर्थात् एक दस नम्बरी चुनाव घोषणा पत्र भी तैयार किया लेकिन चुनाव के ऐन मौके पर अपनी पुरानी कमजोरी फिर आगे आ खड़ी हुई और किसी कृष्ण के अभाव में अपना रथ चुनाव के कुरुक्षेत्र से वापिस लौट आया। तभी से धमाका पार्टी का वह चुनाव घोषणा पत्र बेकार पड़ा हुआ है। लेकिन अब, जबकि जगह-जगह चुनाव-युह् की भेरी बजने लगी है, सोचता हू इसे जारी कर दू। मेरे काम नहीं आया तो किसी और का ही भला हो जाए। हा शर्त यह है कि जो भी चुनाव-योह्ा या दल इसका इस्तेमाल करे, वाजिब दाम देना न भूले। तो दस नंबरी चुनाव घोषणा पत्र आपकी सेवा में नीचे हाजिर है।

1. देवियों और सज्जनों! आज की ज्वलंत समस्या उदारीकरण है। इस विषय में हमारी पार्टी की नीति है कि यह उदारीकरण और साथ ही निजीकरण पर बल देगी। अपनी पुरानी संस्कृति ‘उदारचरितानाम् तू वसुधैव कुटम्बकम्’ (उदार लोगों के लिए तो यह पूरी धरती ही कुटंब हैद्ध से प्रेरणा लेकर हमारी पार्टी की सरकार इतनी उदार बन जाएगी कि नागरिक सरकारी और रास्ट्रीय सम्पति का बेखटके निजीकरण कर सकेंगे। उदारीकरण करने के लिए जनता जनार्दन को प्रेरित किया जाएगा। सड़कों के साथ, सौभाग्य से खाली बच गए फुटपाथों पर कब्जा करवा कर अधूरी पड़ी कब्जा- प्रÿिया को पूर्णता प्राप्त करवाई जाएगी। फुटपाथों पर पनपने वाले व्यापार से हमारे व्यापार जगत को नई प्ररेणा और दिशा मिलेगी। फुटपाथी व्यापार की इस स्वदेशी टैक्नीक का यूरोपीय देशों को निर्यात किया जाएगा। यूरोप के देश क्या खाक विकसित देश है जिनके महानगरों में इतने मूल्यवान फुटपाथ आज तक खाली पड़े है। इसके लिए कानून में संशोधन करके निर्वाचित प्रतिनिधियों को अधिकार दिया जाएगा कि वे दो-दो लाख रु. की दक्षिणा लेकर फुटपाथों पर दुकानें आवटित कर सके।

पुलिस को इस बात के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा कि वह निगम-कर्मचारियों और स्थानीय माफिया के साथ मिलकर जगह-जगह पार्किंग- स्थल कायम कर सके। जो थाना इस शुभ कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेगा उसके एस.एच.ओ. को अगली पोस्टिंग में और भी ज्यादा कमा थाना प्रदान किया जाएगा।

2. हमारी पार्टी सरकारी तंत्र के सड़े-गले ढांचे का पुनर्गठन करेगी। बेकार पड़े कुछ मंत्रालय और विभाग बंद कर दिए जाएंगे और बाकी को नया रुप दिया जाएगा। अनेक नए मंत्रालयों की स्थापना की जाएगी और उनमें एक-एक मंत्री भी स्थापित किया जाएगा। इन नए मंत्रालयों में वायदा मंत्रालय, बयान मंत्रालय, घोषणा मंत्रालय तथा घोटाला मंत्रालय मुख्य होंगे। वायदा मंत्री जनता से तरह-तरह के मधुर वायदे करेगा और वायदा पूरा न होने पर मौलिक बहानों का आविष्कार करेगा या दोष विपक्ष पर मढ़ देगा। बयान मंत्री निरन्तर बयान जारी करेगा जिसमें विपक्षी सरकारों को बर्खास्त करने, दोषी पाए जाने पर राजनीति से संन्यास लेने तथा विरोधियों से इस्तीफा मांगने जैसे बयान बार-बार दोहराण् और छपवाए जाएंगे। जारी बयानों को जरुरत के मुताबिक वापिस लेने का, उनसे मुकरने का तथा उनमें तोड़-मरोड़ करने की जिम्मेदारी भी यही मंत्री निभाएगा। घोषणा मंत्री सरकार सम्भव-असम्भव सभी प्रकार की योजनाओं और कल्पनाओं की घोषणा करेगा। जैसे कि राजधानी में साल भर की अवधि मे पचास ∂लाई ओवर बनाए जाएंगे, एक्सपै्रस हाइवे का निर्माण किया जाएगा, साइकिल टैन्न्क बनाए जाएंगे, फुटपाथ खाली करवाए जाएंगे तथा मक्खी-मच्छरों की हरकतों पर पाबंदी लगाई जाएगी। घोषणा मंत्री इन या इन जैसी सभी योजनाओं के शुभारंभ के लिए 15 अगस्त या 2 अक्तूबर की पावन तिथियों की घोषणा करेगा लेकिन यह सावधानी बरतेगा कि इन तारीखों के साथ सन् का उल्लेख बिल्कुल न किया जाए। घोटाला मंत्रालय नई घोटाला नीति तैयार करेगा। इस नीति के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों के लिए क्रन्तिकारी घोटाला योजनाए बनाई जाएंगी ताकि जो नेता पहले की योजनाओं से लाभान्वित नहीं हो सके वे इन नई योजनाओं से अपना उह्ार कर सकं।

3. धमाका पार्टी की सरकार एक विशेष विभाग का गठन करेगी जिसका नाम होगा: आमूल-चूल परिवर्तन विभाग। यह विभाग सीधे पार्टी-मुखिया के निर्देशन में काम करेगा। यह विभाग, बहुत दिन मजे कर चुके, अमीरों को गरीबों की श्रेणी में पह°चाएगा और दीन-हीन गरीबों को अमीरी का मजा चखाएगा। शहरों को गा°वों में बसाया जाएगा और गा°वों को शहरों में शि∂ट किया जाएगा। माइनाॅरिटी को मैजारिटी में बदलेगा और मैजाॅरिटी को माइनारिटी बनाएगा। नस्ल-भेद खत्म करने के लिए कालों को गोरों से और गोरों को कालों से शादी करना अनिवार्य किया जाएगा। इसके साथ ही खर्चीली चुनाव प्रÿिया को समाप्त किया जाएगा। फिल्मों से प्रेरणा लेकर मैदान में कूदे उम्मीदवारों से, उनके समर्थकों की उपस्थिति में, द्वन्दयुह् और मल्लयुह् कराए जाएंगे और जो विजयी होगा उसे निर्वाचित घोषित किया जाएगा। इस प्रÿिया से ज्यादा से ज्यादा बाहुबली लोकसभा और विधान सभाओं में पहुचेंगे और देश मजबूत बनेगा। सर्वश्रेष्ठ बाहुबली को लोकसभा के अध्यक्ष पर बैठाया जाएगा जिससे अनुशासन कायम करना आसान हो जाएगा।

4. शिक्षा और सफाई विभाग बंद कर दिए जाएंगे। बच्चों को पहले निरक्षर बनाया जाएगा और जब वे कुछ सीखने लायक यानी प्रौढ़ हो जाएंगे तब उन्हें साक्षर बनाने का भियान चलाया जाएगा। जरुरत पडेगी तो बच्चे बुजुर्गों से शिक्षा ग्रहण करेंगे। या मांओ से कुछ सीख लेंगे। देश के माल को हजम करने के लिए इससे ज्यादा पढ़ाई-लिखाई की आवश्यकता नहीं होती। जब तक यह शिक्षा-नीति पूरी तरह लागू नहीं हो जाती तब तक पब्लिक स्कूलों के बच्चों को सरकारी स्कूलों में टन्न्सफर कर दिया जाएगा और पब्लिक स्कूल वालों को सरकारी स्कूलों में। सफाई विभाग बंद कर दिया जाएगा। नागरिक खुद सफाई का जिम्मा सम्भालेंगे। सरकार उन्हें पार्कों में कूड़ा-कर्कट फेंकने की छूट देगी ताकि पड़ौस में ही खाद बनता रहे।

5. झोंपड़-पट्टी विभाग में नई जान फंकी जाएगी। यह विभाग मौका लगने पर शहर के बीचों-बीच और मौका न लगने पर शहर के बाहरी हिस्सों में नई-नई झोंपड़-पट्टियों का विकास करेगा। जनसेवा और पार्टी के वोट बैंक को ध्यान में रखते हुए ऐसी अनधिकृत बस्तियों का जाल बिछाया जाएगा और उन्हें अधिकृत करवाने के कार्य को प्राथमिकता दी जाएगी। यह प्राथमिकता इतनी दीर्घजीवी होगी कि दर्जनों सरकारों के कार्यकाल को पार कर जाएगी। जो-जो पुलिस कर्मी और नगर निगम के कर्मचारी अनधिकृत निर्माण में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेंगे उन्हें बारी से पहले तरक्की दी जाएगी।

6. दूसरे दलों की दलदल से निकलकर हमारे दल की दलदल में फंसने के इच्छुक महापुरुषों के लिए दरवाजे और सूटकेस खुले रखे जाएंगे ताकि उनको किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके साथ-साथ भ्रष्टाचार को उद्योग का दर्जा दिया जाएगा जिससे भ्रष्टाचारियों की उपेक्षा खत्म होगी और वे राष्टन्न् के विकास में अपना बहुमूल्य योगदान और भी बढ़- चढ़कर दे सकेंगे। संविधान में संशोध्न किया जाएगा और भ्रष्टाचार को नागरिक के मूल अधिकारों में शामिल किया जाएगा।

7. विपक्षियों को राजनीति से संन्यास दिलवाने के लिए युवा पुरोहितों के कमांडो दस्ते बनाए जाएंगे। ये दस्ते विपक्षियों को पकड़-पकड़ कर उन्हें संन्यास की दीक्षा देंगे और उनसे राजनीति से संन्यास ले लेने के बयान जारी करवाएंगे। इसके साथ-साथ और भी अनेक महवपूर्ण कदम उठाए जाएंगे और फिर नीचे रखे जाएंगे।

8. प्रदूषण को रोकने के लिए घुड़सवारी और गधसवारी को प्रोत्साहित किया जाएगा। जब घुडसवारी हो सकती है तो गधसवारी क्यों नहीं हो सकती? इन जानवरों के चारे की समस्या हल करने के लिए प्रांत विशेष के चाराखोरों द्वारा विकसित टैक्नीक उपयोग में लाई जाएगी।

9. पेट्रोल-डीजल वाहनों पर यह पाबंद लगाई जाएगी कि वे दिन के समय सड़कों पर नहीं निकल सकेंगे। बिजली-चोरी को नागरिकों के मौलिक अधिकारों में शामिल किया जाएगा। अपराधों को सुलझाने के लिए पुलिस को भले आदमियों को पकड़ने की छूट दी जाएगी। माल की ढुलाई में तेजी लाने के लिए दुपहिया स्कूटर चालकों को ऐसी आधुनिकतम ट्रैनिंग दी जाएगी कि वे स्कूटर की पिछली सीट पर भैंस को बैठाकर अस्पताल ले जा सकं। इसके लिए विश्व प्रसिह् ‘पटना सर्कस’ की सेवाए प्राप्त की जाएंगी।

10. लोकपाल की जगह नेतापाल विधेयक लाया जाएगा क्योंकि लोक चाहे पले या न पले, नेता का पलना निहायत जरुरी है। नेता नहीं पालेगा तो लोग आँख मीच कर किसके पीछे चलेंगे? ‘नेता क्रय-विक्रय’ नाम से एक रास्ट्रीय कोष की स्थापना की जाएगी और एक ‘नेता स्टाक ऐक्सचेंज’ बनाया जाएगा ताकि इच्छुक नेता वहा पर अपने आपको सूचीबह् करा सकें और जरुरतमंद पाटिया बाजार भाव पर उन्हें खरीद सकें।

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