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योगीराज भगवान श्री कृष्ण जी का असली परिचय

Aug 31 • Arya Samaj • 706 Views • No Comments

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पूरा विश्व योगीराज भगवान श्री कृष्ण जी का जन्मोत्सव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाता है। इस महा पुण्य पावन पर्व पर हम सभी देशवासियों से प्रार्थना करते हैं कि भारत की धरा पर दो ऐसे चमकते सितारे पैदा हुए थे जिनकी ज्योति से आज भी विश्व में भारत का स्थान सम्माननीय है। भारत माता के ये दो सपूत सर्वगुण सम्पन्न थे। जिनका नाम बच्चा-बच्चा जानता है-योगिराज भगवान श्री कृष्ण जी एवं मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचन्द्र जी।

लेकिन आज हमारी अपनी ही भूमि पर कुछ लोग छल और कपट का सहारा लेकर इन्हें बदनाम कर रहे हैं। आप भी मठ-मन्दिरों व राह चलते निम्न गीत प्रचार के नाम पर या भक्ति के नाम पर सुनते होंगे।

¹ छलिया का भेष बनाया, श्याम चूड़ी बेचने आया……..

¹ इकली घेरी वन में आइ, श्याम तैने कैसी ठानी…….

¹ मैया कर दे मेरो ब्याह….. ¹ राधा क्यों गोरी मैं क्यों काला……

इन सब अनेक प्रकार की दुष्प्रचार सामग्री को देखकर हम दुखी होते है इसी कारण श्री कृष्ण जी के वास्तविक स्वरुप को इस बार जन्माष्टमी पर आपके सामने रखने का प्रयास कर रहे हैं।

(1) 3 सितम्बर 2018 को भगवान श्री कृष्ण जी का 5246वा° जन्मोत्सव है।

(2) भगवान श्री कृष्ण जी के समान योगीराज अब तक धरती पर पैदा नहीं हुआ।

(3) भगवान श्री कृष्ण जी को ‘माखनचोर’ बताने वाले महापापी हैं।

(4) भगवान श्री कृष्ण जी ने कभी किसी गोपी के चीर वस्त्र नहीं चुराए।

(5) भगवान श्री कृष्ण जी को चीर (वस्त्र) चुराने वाला कहने वाले कपटी व छली हैं।

(6) पौराणिक लेखकों ने पैसे खाकर भगवान श्रीकृष्ण जी पर मनमाने दोष लगाए।

(7) भगवान श्री कृष्ण जी की ‘राधा’ नाम की कोई प्रेयसी नहीं थी।

(8) भगवान श्री कृष्ण जी की कभी भी 16108 रानिया° नहीं रहीं।

(9) भगवान श्री कृष्ण जी की केवल एक ही धर्मपत्नी भगवती रूक्मिणी जी थीं।

(10) भगवान श्री कृष्ण जी एवं भगवती रूक्मिणी ने स्वयंवर करके सर्वश्रेष्ठ गृहस्थ आश्रम

आओ ! जानें कैसे थे योगिराज श्रीकृष्ण

(11) भगवान श्री कृष्ण जी अत्याचारियों को दण्ड देने में उद्यत रहते थे।

(12) भगवान श्री कृष्ण जी सज्जनों की रक्षा में सदैव लगे रहते थे।

13. भगवान श्री कृष्ण जी गरीबों की सहायता करते थे- उदाहरण सुदामा।

14. भगवान श्री कृष्ण जी स्वयं ईश्वर की उपासना करते थे।

15. भगवान श्री कृष्ण जी सुबह और शाम  (ईश्वरोपासना) करते थे।

16. भगवान श्री कृष्ण जी प्रतिदिन सुबह-शाम

हवन (देवयज्ञ) करते थे।

17. भगवान श्री कृष्ण जी पूरी दुनिया में सबसे बड़े बुविमान राजनीतिज्ञ थे।

18. गीता संसार को जीवन-जीना सिखाने वाली पवित्र पुस्तक है।

19. गीता में मानव जीवन की अनेक समस्याओं का समाधान है। जीना सिखाती है।

21. नौ लाख गायों के मालिक को ‘नंद’ कहते हैं, फिर नंद के ‘लाल’ को माखन चुराने की जरूरत ही नहीं थी।

22. भगवान श्री कृष्ण जी का लगभग 125 वर्ष की आयु में देहान्त हुआ।

23. भगवान श्री कृष्ण जी योगीराज थे न कि चूड़िया° बेचने वाले।

24. भगवान श्री कृष्ण जी श्रेष्ठतम् गृहस्थी थे, न कि छलिया पुरुष।

25. भागवत ग्रंथ लिखने वाले ने ‘भगवान श्री कृष्ण जी’ के जीवन में अनेक गपोड़े जोड़

दिए हैं। उनके चरित्र को बदनाम करने वालों का हम घोर विरोध करते हैं।

आप भी इसे पैम्पलेट के रूप में प्रकाशित/ फोटो कराकर जन साधारण में अधिकाधिक वितरित करें।

आर्य समाज

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