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ईश्वर भक्ति से मिलती है दुखों से मुक्ति

कोटा, 24 जून। ईश्वर की भक्ति त्रिविध दुखों से मुक्ति दिलाती है। आधि दैविक, आधि भौतिक और आध्यात्मिक तीन प्रकार से मिलने वाले दुखों को दूर करने का एकमात्र उपाय…

मन्त्रहीन यज्ञ निष्फल

अर्थ – हे परमात्मा (नः) हमारे (वृजिना) छोड़ने योग्य पापों को (शिशीही) क्षीण कीजिये।  हम (ऋचा) मन्त्रो के उपदेश से (अनृच:) जो वेद से अनभिज्ञ है,  उन्हें सम्पर्क में लायें।…

अज्ञानियों की दुर्गति

इमे ये नार्वाड्.न परश्चरन्ति न ब्राहाणसो सुतेकरासः। त एते वाचमभिपध पापया सिरीस्तन्त्रं तन्वते अप्रजज्ञयः।। ऋग्वेद 10/71/9   अर्थ -(इमे ये ) ये जो अविद्वान (अवार्डन न ) न तो इस…

महर्षि दयानन्द के सत्यार्थ प्रकाश आदि ग्रन्थ आध्यात्मिक व सामाजिक

महर्षि दयानन्द सरस्वती ने सच्चे शिव की खोज में 18 वर्ष की अवस्था में अपने घर व परिवार का परित्याग किया। घर पर रहकर वह अपना उद्देश्य पूरा नहीं कर…

होली का पर्व और वैदिक धर्म’

फाल्गुन मास की पूर्णिमा को  मनाये  जाने  वाले  पर्व होली का प्राचीन नाम ‘‘वासन्ती नवसस्येष्टि’’ है। यह उत्सव-पर्व वसन्त ऋतु के आगमन पर मनाया जाता है। चैत्र कृष्ण पक्ष की…