Categories

Posts

दिव्य दयानन्द का दिव्य चिन्तन

-आचार्य चन्द्रशेखर शास्त्री, अन्तर्राष्ट्रीय कथाकार, सम्पादक अध्यात्म पथ आर्य समाज के संस्कापक महर्षि दयानन्द सरस्वती दिव्यगुणों से युक्त थे। उनका व्यक्तित्व महान एवं प्रेरक था, वे आदित्य ब्रह्मचारी, परम आस्तिक…

दयानन्द-दर्शन एवं वाग्डमय के मर्मज्ञ

स्मृतिशेष डॉ. भवानीलाल भारतीय -डॉ. विनोदचन्द्र विद्यालंकार कुछ वर्ष पूर्व के वे दिन आज भी स्मृति-पटल पर अंकित हैं, जब डॉ. भवानीलाल भारतीय सपत्नीक हरिद्वार आये थे और अपने प्रिय…

शब्द की अपार शक्ति

शब्द में अपार शक्ति होती है। शब्द अक्षर से बनता है और अक्षर का अर्थ ही होता है जिसका क्षय या क्षरण न हो। मुंह से निकली बात सबसे दूर…

अयंत इध्म आत्मा एवं उद्बुध्यस्वाग्ने- यज्ञ का आध्यात्मिक पक्ष

यज्ञ एक बहुत विशाल एवं विस्तृत अर्थ वाला शब्द हैं मुझे जब कभी भी किसी आर्य समाज, संस्था या सभा में आमंत्रित किया जाता है तो प्रायः यह अपेक्षा की…

बीसवीं शताब्दी का प्रथम शहीद ‘खुदीराम बोस’

‘‘एक बार विदाय दे मां धुरे आसि-हांसि-हांसि पोरबो फांसी देखिबे भारतवासी।’’ भारतवासी खुदीराम बोस के बलिदान पर गाये जानो वाले इस गीत की पंक्तियां आज भी बंगाल के घर-घर में…